Basoda Yoga Camp: योग साधना के समापन , जीवन दीप कैंसर राहत कोष की शुरुआत
Basoda Yoga Camp: दस दिवसीय योग शिविर के समापन पर जहां योग ने लोगों को स्वस्थ जीवन और मानसिक शांति का संदेश दिया, वहीं सेवा भाव ने मानवता की संवेदना को भी नई दिशा दी। शिविर के दौरान साधकों ने योग के माध्यम से तन और मन को संतुलित करने की अनुभूति की, तो कैंसर जागरूकता एवं “जीवन दीप कैंसर राहत कोष” की शुरुआत ने समाजसेवा का प्रेरक संदेश दिया। योग, सेवा और आत्मीयता के संगम के साथ शिविर का सुखद समापन हुआ।

स्थानीय मानस भवन में स्वयं स्वस्थ बनो अभियान समिति एवं रक्त सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुए दस दिवसीय साधना योग शिविर केवल स्वास्थ्य और साधना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाजसेवा का संदेश भी देकर गया, इस योग शिविर ने साधकों को केवल योगासन ही नहीं, बल्कि संतुलित, सकारात्मक और अनुशासित जीवन जीने का संदेश भी दिया। समापन अवसर पर साधकों के चेहरों पर संतोष, मन में आत्मशांति और वातावरण में सेवा व मैत्री भाव की अनुभूति साफ दिखाई दी। योग शिविर के दौरान ओसवाल गार्डन में आनंद उत्सव का आयोजन भी किया गया जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उल्लास और आत्मीयता से भर दिया। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

शिविर के समापन सत्र को संबोधित करते हुए मुंबई से आईं मुख्य योग शिक्षिका डॉ गीता जैन ने कहा कि योग का वास्तविक अर्थ केवल शरीर को स्वस्थ रखना नहीं, बल्कि तन, मन और विचारों को शुद्ध कर मानवता से जोड़ना है। इन दस दिनों में साधकों ने योग के माध्यम से आत्मशांति, अनुशासन, एकाग्रता और सेवा का महत्व समझा। डॉ जैन ने बताया कि योग साधना के साथ सेवा, मैत्री भाव और समाज के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी शिविर का प्रमुख उद्देश्य रहा है।

योग प्रशिक्षक दीपक जानी मुंबई द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। शिविर में साधकों को अष्टांग योग का अभ्यास कराया गया तथा विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मैत्री भाव के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। शिविर के दौरान अलका ओसवाल एवं ममता जैन ने वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे कैंसर रोग के प्रति लोगों को जागरूक किया। कैंसर रोग के प्रति लोगों को जागरूक करने, समय पर जांच, संतुलित जीवनशैली और जागरूकता के लिए जीवन दीप कैंसर राहत कोष” की शुरुआत की गई, जिसमें उपस्थित साधकों और समाजजनों ने भावपूर्वक सहयोग प्रदान किया।

अगले शिविर के प्रायोजक बने अनिल ओसवाल
शिविर के समापन पर साधकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि योग ने उनके भीतर नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और मानसिक शांति का संचार किया है। रक्त सेवा समिति के अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि योग का नियमित अभ्यास व्यक्ति को निरोगी जीवन की ओर ले जाता है। साधक गिरीराज सोनी ने बताया कि योग के कारण उनके कार्य व्यवहार और एकाग्रता में सकारात्मक परिवर्तन आया है। इस अवसर पर अलका ओसवाल एवं ममता जैन ने वर्तमान समय में बढ़ रहे कैंसर रोग के प्रति जागरूकता लाते हुए “जीवन दीप कैंसर राहत कोष” की शुरुआत की। उपस्थित लोगों ने इस सेवा कार्य में भावपूर्वक सहयोग भी प्रदान किया। विशाखापत्तनम से योग शिविर में शामिल होने पहुंचे प्रणव मोदी ने समय का सदुपयोग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में अगले योग शिविर के प्रयोजक के रूप में अनिल ओसवाल परिवार द्वारा सहमति प्रदान की गई। अंत में वर्तमान शिविर प्रायोजक घनश्याम राठी (श्याम जी गारमेंट्स) एवं समिति सदस्यों ने सभी साधकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।



