मध्य प्रदेश

Ganj Basoda Mundri Dham: गुजरात के संकल्प को पूरा करेगा मूंडरी धाम, 100 गांव लिखेंगे 25 करोड़ रामनाम

Ganj Basoda Mundri Dham: सनातन संस्कृति की जड़ों को मजबूत करने और आने वाली पीढ़ियों को रामभक्ति से जोड़ने के उद्देश्य को लेकर गुजरात की पावन धरती से उठी राम भक्ति की अलख अब गंजबासौदा के मूंडरी धाम पहुंच चुकी है। दीपावली की दूज से प्रारंभ हुए 125 करोड़ राम नाम लेखन महायज्ञ में सौराष्ट्र के साथ-साथ अब मूंडरीधाम भी सहभागी बन गया है।

100 गांव लिखेंगे 25 करोड़ रामनाम

यहां से 25 करोड़ राम नाम लेखन का संकल्प लेते हुए श्री राम जानकी मंदिर मूंडरी धाम में आयोजित भव्य कार्यक्रम में संतों की मौजूदगी में पुस्तिकाओं का विधिवत विमोचन किया गया। अब यह पुस्तिकाएं आश्रम से जुड़े उन 100 गांवों में पहुंचेगी जहां की हर चौखट पर अब राम नाम गूंजेगा। पुस्तिका के विमोचन पर संतों ने कहा कि व्यक्ति अपने दैनिक कार्य करते हुए भी रामनाम लेखन आसानी से कर सकता है।

गुजरात से आए महामंडलेश्वर

दिनभर की व्यर्थ चर्चाओं, मोबाइल और निरर्थक समय में यदि कुछ पल “राम” लिखने में लगाए जाएं, तो वही समय जीवन का पुण्य बन सकता है। राम नाम लेखन मन को शांति, विचारों को पवित्रता और जीवन को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम है। आश्रम परिसर में विमोचन के अवसर पर गुजरात से आए 1008 महामंडलेश्वर पतित पावन दास जी महाराज, नूरपुर धाम के महंत महामंडलेश्वर बालकदास जी महाराज, पंजाब से आए महंत इंद्र कुमार दास जी महाराज चित्रकूट से आए महंत राघव दास जी महाराज सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य संत मौजूद थे।

50 करोड़ राम नाम लेखन पूर्ण

श्री राम जानकी मंदिर मूंडरी धाम के महंत परशुराम दास जी महाराज ने बताया कि क्षेत्र के लिए यह सौभाग्य है कि गुजरात की धरती से प्रारंभ हुए 125 करोड़ राम नाम लेखन महायज्ञ की पूर्णाहुति गंजबासौदा की आध्यात्मिक पावन धरती पर होगी। राम नाम लेखन का यह कार्य मोटा रामजी मंदिर नागेश धाम गुजरात में दीपावली की दूज से प्रारंभ हो चुका है जिसमें अभी तक 50 करोड़ राम नाम लेखन पूर्ण हो चुके हैं और बाकी 50 करोड़ राम नाम लेखन चल रहा है। शेष बचे 25 करोड़ राम नाम लेखन का कार्य मूडरीधाम से जुड़े 100 गांवों से पूर्ण किया जाएगा। इसकी योजना पूरी तैयार कर ली गई है, जिसे वर्ष 2028 में उज्जैन में लगने वाले पूर्ण महाकुंभ से पहले पूरा किया जाएगा। राम नाम लेखन महायज्ञ आने वाले समय में अब गांव-गांव में भक्ति की नई चेतना जगाएगा।

उज्जैन महाकुंभ में होंगे 125 करोड़ रामनाम लिखीं पुस्तिकाओं के दर्शन

श्रद्धालुओं द्वारा लिखी गई रामनाम पुस्तिकाओं को उज्जैन महाकुंभ में ले जाया जाएगा, जहां एक माह तक उनका पूजन-दर्शन होगा। वर्ष 2028 में उज्जैन में लगने वाले पूर्ण महाकुंभ में श्रद्धालुओं द्वारा लिखी गई 125 करोड़ रामनाम लेखन पुस्तिकाएं विशेष आकर्षण का केंद्र बनेंगी। देशभर के गांवों और शहरों से एकत्रित इन पुस्तिकाओं का एक माह तक पूजन, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठान होगा। परशुराम दास जी महाराज ने बताया कि महाकुंभ के पश्चात इन पवित्र पुस्तिकाओं को अयोध्या स्थित छोटी छावनी के रामनाम बैंक में सुरक्षित रखा जाएगा तथा श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज को समर्पित किया जाएगा। करोड़ों हाथों से लिखा गया “राम” केवल अक्षर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का जीवंत स्वरूप होगा।

घरों की देहरी से गांवों की चौपालों तक गूंजेगा राम नाम

महाराजश्री ने बताया कि मूंडरीधाम से 25 करोड़ रामनाम लेखन के संकल्प को पूरा करने के लिए आश्रम से जुड़े हुए 100 गांवों में रामनाम लेखन पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी। प्रत्येक गांव में एक धर्म सेवक प्रभारी नियुक्त किया जाएगा, जो घर-घर पहुंचकर पुस्तिकाओं का वितरण करेगा तथा पूर्ण होने पर उन्हें संग्रहित करेगा। इस अभियान के माध्यम से गांव-गांव में रामभक्ति, संस्कार और सनातन चेतना की अलख जगाई जाएगी। संतों का कहना है कि जब गांव की चौखट पर “राम” पहुंचेगा, तब हर घर में संस्कार, श्रद्धा और भक्ति का दीप प्रज्वलित होगा। संतों के सानिध्य में जब मूंडरी धाम पर राम नाम लेखन पुस्तिकाओं का विमोचन के दौरान आश्रम परिसर में “जय श्रीराम” के उद्घोष गूंजा तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

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