MP Congress: मध्यप्रदेश कांग्रेस को झटका, बड़े नेता का इस्तीफा
Naresh Gianchandani resigns: मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव के नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस के अंदर मची रार अब खुलकर सड़कों पर आ गई है। भोपाल की हाई-प्रोफाइल हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और कद्दावर सिंधी नेता नरेश ज्ञानचंदानी के इस्तीफे के पीछे की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली वजह सामने आई है।
सूत्रों के मुताबिक, ज्ञानचंदानी मीनाक्षी नटराजन को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले से बेहद खफा थे और उन्होंने पार्टी फोरम पर इसका खुलकर विरोध किया था। इस विरोध के बाद प्रदेश नेतृत्व द्वारा दिखाई गई बेरुखी और नाराजगी से बेहद आहत होकर उन्होंने आखिरकार पार्टी को हमेशा-हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
क्यों नाराज थे ज्ञानचंदानी?
सूत्रों का दावा है कि ज्ञानचंदानी का मानना था कि राज्यसभा चुनाव में किसी स्थानीय और जमीनी स्तर पर संघर्ष करने वाले नेता को मौका दिया जाना चाहिए था। मीनाक्षी नटराजन को प्रत्याशी बनाए जाने के पार्टी के एकतरफा फैसले का उन्होंने कड़ा विरोध किया था, जिसे प्रदेश संगठन ने अनुशासनहीनता के तौर पर लिया। ज्ञानचांदानी ने इस्तीफे में कहा है कि पीछले सालों से बिना किसी पद की लालसा के कांग्रेस की सेवा करने वाले ज्ञानचंदानी को उम्मीद थी कि उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं के सुझावों को तरजीह दी जाएगी। लेकिन जब प्रदेश नेतृत्व ने उनके विरोध को दरकिनार कर उनके प्रति नाराजगी और उपेक्षा भरा रवैया अख्तियार किया, तो उन्होंने स्वाभिमान की खातिर अपना त्यागपत्र पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी को सौंप दिया।
हुजूर में कांग्रेस अनाथ!
नरेश ज्ञानचंदानी का इस मोड़ पर जाना भोपाल जिले में कांग्रेस के संगठन को पूरी तरह छिन्न-भिन्न करने वाला साबित हो सकता है। हुजूर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के मजबूत गढ़ के सामने नरेश ज्ञानचंदानी ही कांग्रेस का एकमात्र सबसे बड़ा और लोकप्रिय चेहरा थे। सिंधी समाज सहित सर्वसमाज में पैठ रखने वाले ज्ञानचंदानी के जाने से आगामी स्थानीय निकाय और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।



