Kurwai Jain Samaj : पूज्य आर्यिका माताजी प्रकरण की SIT जांच के लिए कुरवाई में फूटा जैन समाज का गुस्सा
Kurwai Jain Samaj : देशभर में पैदल विहार करने वाले जैन साधु-संतों की सुरक्षा और हाल ही में पूज्य आर्यिका माताजी संघ के साथ घटित हुए दर्दनाक हादसे को लेकर संपूर्ण जैन समाज में गहरा आक्रोश है। इसी कड़ी में कुरवाई जैन समाज के बैनर तले नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने अनुविभागीय अधिकारी को एक देशव्यापी महत्व का ज्ञापन सौंपा।

समाज ने पूज्य आर्यिकाओं के असामयिक निधन को महज एक साधारण सड़क दुर्घटना मानने से इंकार करते हुए इसकी गहन कानूनी व तकनीकी जांच की मांग की है। समाज का कहना है कि उपलब्ध तथ्यों और वीडियो क्लिपों ने इस मामले में कई गंभीर संदेह पैदा किए हैं।

ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें
निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच: इस पूरे प्रकरण की एसआईटी (SIT) या न्यायिक जांच कराई जाए। प्रशासन रूट पर पड़ने वाले सभी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित करे और दोषियों पर सख्त धाराएं लगाई जाएं।
“संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू हो: राष्ट्रीय राजमार्गों और व्यस्त ट्रैफिक वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन विशेष समन्वय स्थापित करे। संतों के पैदल विहार के दौरान ट्रैफिक नियंत्रण, रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतकों (Signboards) की पुख्ता व्यवस्था हो।
“राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” का निर्माण: भारत सरकार से मांग की गई है कि देश भर में पैदल चर्या करने वाले संतों के लिए एक राष्ट्रीय गाइडलाइन और एसओपी (SOP) निर्धारित की जाए।
संवेदनशील श्रेणी में हो अपराध: जैन संत पूर्णतः अपरिग्रही, निहत्थे और अहिंसक होते हैं, वे आत्मरक्षा भी नहीं करते। इसलिए उनके खिलाफ होने वाले अपराध या लापरवाही को ‘विशेष संवेदनशील श्रेणी’ में रखकर त्वरित अदालतों में सुनवाई की जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कुरवाई जैन समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा वर्ग और प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।




