मध्य प्रदेश

Rewa Jain Sadhvi Case: रीवा कांड पर बड़ा एक्शन, जैन साध्वियों की मौत मामले में SIT गठित

Rewa Jain Sadhvi Case: मध्य प्रदेश के रीवा में विगत 20 मई को पूज्य आर्यिका संघ के साथ घटित हुए दर्दनाक और संदेहास्पद हादसे को लेकर पूरे देश में मचे भारी बवाल और जैन समाज के देशव्यापी जनाक्रोश के बाद शासन-प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। इस बेहद संवेदनशील मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और गहराई से पड़ताल करने के लिए पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। सकल जैन समाज द्वारा लगातार उठाई जा रही मांग और ‘क्रूर साजिश’ की आशंकाओं को देखते हुए पुलिस अब इस पूरे मामले को महज एक साधारण सड़क दुर्घटना मानकर नहीं, बल्कि हर एक संभावित आपराधिक और सोची-समझी साजिश के एंगल से खंगाल रही है।

जांच को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से पुख्ता करने के लिए एफएसएल और साइबर क्राइम की विशेष टीमों को मैदान में उतार दिया गया है, जो हर एक बारीक पहलू की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

कलेक्ट्रेट और पुलिस कंट्रोल के सामने हुआ था हादसा

यह हृदयविदारक घटना 20 मई की सुबह की है। पूज्य आर्यिका माताजी संघ कटरा जैन मंदिर से सुबह की दैनिक चर्या के लिए निकला था। तभी रीवा जिला कलेक्ट्रेट के सामने और पुलिस कंट्रोल रूम के ठीक पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने दोनों पूज्य साध्वियों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी थी। इस भीषण टक्कर के कारण जैन समाज की दो पूज्य महिला धर्मगुरुओं (आर्यिका श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका उपशममति माताजी) का असामयिक और दर्दनाक निधन हो गया था।

जबलपुर के पास से पकड़ा गया आरोपी

घटना के तुरंत बाद आरोपी कार चालक मौके से गाड़ी सहित फरार हो गया था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए नाकेबंदी की और आरोपी को जबलपुर के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी। आरोपी चालक वर्तमान में न्यायिक हिरासत में बंद है। इस बीच, घटना से जुड़ा एक सनसनीखेज सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है। इस वीडियो में कार चालक साफ तौर पर पूज्य साध्वियों को पीछे से सीधी टक्कर मारता हुआ दिखाई दे रहा है। इसी फुटेज के सामने आने के बाद पूरे भारत के जैन समाज में यह आक्रोश फैल गया कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं बल्कि जानबूझकर सोची-समझी रणनीति के तहत की गई ‘क्रूर हत्या’ है। इसी आक्रोश के चलते देश भर के शहरों में व्यापार बंद रखकर विशाल मौन जुलूस निकाले गए और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए।

क्राइम सीन का री-क्रिएशन

जैन समाज की गंभीर आपत्तियों और मामले की नजाकत को देखते हुए नवनियुक्त एसआईटी (SIT) ने अपनी वैज्ञानिक तफ्तीश शुरू कर दी है। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर उस सुबह की स्थिति और कार की गति का वैज्ञानिक री-क्रिएशन किया है, ताकि टक्कर के वास्तविक प्रभाव को समझा जा सके। साइबर टीम ने घटनास्थल और उसके आस-पास के सभी व्यावसायिक और सरकारी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। कार की वास्तविक रफ्तार, टक्कर मारने की स्थिति और आरोपी के वास्तविक इरादे का पता लगाने के लिए आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड और उसकी पृष्ठभूमि की भी सघन जांच की जा रही है।

क्या कहता है प्रशासन?

प्रशासन का कहना है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि इसके पीछे कोई गहरी राजनैतिक या सांप्रदायिक साजिश थी या यह मानवीय लापरवाही का नतीजा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में और भी कड़ी धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।

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