Digital Breaking : मध्यप्रदेश में पांच कथावाचकों पर कार्रवाई की मांग, मचा हंगामा

Digital Breaking : छतरपुर जिले में OBC महासभा द्वारा दिए गए एक ज्ञापन के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति ने मंच से तीखे और आपत्तिजनक बयान दिए। OBC महासभा ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पांच प्रसिद्ध कथावाचकों—अनिरुद्ध आचार्य, रामभद्राचार्य, बागेश्वर बाबा (धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री), प्रदीप मिश्रा और देवकीनंदन ठाकुर—के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
महासभा का यह ज्ञापन कलेक्ट्रेट कार्यालय में तहसीलदार पीयूष दीक्षित को सौंपा गया। इस दौरान OBC जिला अध्यक्ष तीरथ कुशवाहा ने कहा कि हाल ही में आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को लेकर उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, जबकि महासभा का मानना है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि संतोष वर्मा के मामले में कार्रवाई की जाती है, तो समान आधार पर अन्य लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
पूर्व विधायक आर.डी. प्रजापति ने ज्ञापन सौंपते समय पांचों कथावाचकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके बयानों से समाज में आक्रोश फैलता है और महिलाओं का अपमान होता है। उन्होंने कहा कि यदि आईएएस संतोष वर्मा दोषी माने जाते हैं, तो इन कथावाचकों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रजापति ने अलग-अलग कथावाचकों के पुराने बयानों का हवाला देते हुए उन पर महिलाओं, समाज और देश के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बयानों पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई न होना दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
ज्ञापन में कुल पांच सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें कथावाचकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, उनके बयानों की न्यायिक जांच कराने और भविष्य में इस तरह की टिप्पणियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जिले की सियासत गरमा गई है। प्रशासन की ओर से फिलहाल ज्ञापन को संबंधित स्तर पर भेजने की बात कही गई है, जबकि विवादित बयानों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।



