मध्य प्रदेश

Shajapur News : बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न, कलेक्टर-SP ने दिए निर्देश

शाजापुर, आदित्य शर्मा। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिला बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन समिति की बैठक संपन्न हुई। कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने निर्देश दिये‍ कि बस ऑपरेटर्स एवं स्कूल बस संचालकों की आरटीओ व यातायात प्रभारी बैठक लेकर उन्हें हिदायत दें कि वर्षा के दौरान जलमग्न पुल-पुलियाओं से वाहन नहीं निकालें। जलमग्न पुल-पुलियाओं से यात्रियों एवं विद्यार्थियों से भरे वाहन निकालने पर संबंधितों के विरूद्ध एफआईआ दर्ज कराएं। साथ ही जलमग्न पुल-पुलियाओं से यातायात रोकने के लिए संबंधित निर्माण विभाग बोर्ड तैयार करें और नजदीक की ग्राम पंचायतों में रखवाएं, ताकि‍ समय आने पर उपयोग में लिया जा सके।

कलेक्टर सुश्री बाफना ने जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिये कि वे जितने भी नए तालाबों का निर्माण हुआ है, का भ्रमण कर पानी निकासी का निरीक्षण करें। खण्ड स्तरीय बैठक लेकर बाढ़ एवं आपदा नियंत्रण के लिए मैदानी अमले को दायित्व सौंपे। वहीं बाढ़ एवं वर्षा से प्रभावित लोगों को आरबीसी 6(4) के तहत त्वरित .सहायता देने के लिए राजस्व के अमले को सजग रखें। सभी अधिकारी आपस में कम्युनिकेशन के साथ काम करें।

उन्हौने पशुपालन विभाग को कलेक्टर ने निर्देश दिये कि वे वर्षाकाल के दौरान पशुओं के टीकाकरण के लिए अभियान चलाएं। टीका लगाने वाले मैदानी कर्मचारियों के लिए रूट चार्ट तैयार कर उनकी सतत मॉनिटरिंग करें। टीकाकरण कार्य का सत्यापन ग्राम पंचायत के सचिव एवं जीआरएस से करवाएं। नगरीय निकाय कचरे के ढेरों को तत्काल हटवाएं। नालों एवं नालियों से कचरा साफ करवाएं। जिस भी क्षेत्र में पूर्व के वर्षों में जलभराव की स्थिति निर्मित हुई हो वहां से पानी के निकासी का इंतजाम कराएं। सार्वजनिक क्षेत्र में जलभराव होने पर नगरीय निकाय एवं निजी क्षेत्र में जलभराव होने पर संबंधित संपत्ति के मालिक पर फाईन लगाया जायेगा। नगरीय निकाय वर्षाजनित बीमारियों की रोकथाम एवं पेयजल के शुद्धिकरण आदि की पूर्व से तैयारी रखें। नगरीय निकाय एवं ग्राम पंचायतें जर्जर भवनों को चिंहित करें एवं उन्हें हटाने की कार्यवाही भी करें। लोकनिर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग पुलियाओं पर खतरे का लाल निशान अंकित करें।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यशपाल राजपूत ने कहा कि नदियों एवं नालों के ओव्हरफ्लो होने पर आवागमन रोकने के‍ लिए त्वरित तैयारी रखें। इसके लिए नदी-नालों को पूर्व से चिन्हांकित कर लें। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न की कमी न हो इसके पर्याप्त इंतजाम रखें। बाढ़ के दौरान लोगों को बचाने के लिए क्विक रिस्पांस होना चाहिये। संभावित हॉटस्पाट क्षेत्रों में बाढ़ आने के पहले बचाव की तैयारी कर लें। पिछले वर्ष जहां-जहां अतिवर्षा एवं बाढ़ के कारण समस्या आई थी, उन्हें टारगेट बनाकर ऐसे क्षेत्रों के लिए सभी लोग पहले से तैयार रहें। कंट्रोल रूम में सभी अधिकारियों, क्षेत्र में काम कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों, ग्रामों के प्रमुख लोगों, तैराकों, नाविकों आदि के नंबर रखें।

बाढ़ संभावित क्षेत्रो में बाढ़ जनित रोगो से बचाव हेतु सूचना:-

प्रदान करने की व्यवस्था तथा आवश्यक दवाईयों एवं अन्य चिकित्सकीय सामग्री को सूचीबद्ध कर पहले से स्टॉक में उपलब्ध रखे, चिकित्सको, पैरामेडिकल स्टॉफ, वाहनों, ड्राईवर्स सहित चिकित्सा से जुड़े महत्वपूर्ण मानव संसाधनों की सूची तैयार करें। बाढ़ के दौरान निजी चिकित्सकों, जन स्वास्थ्य रक्षको की मदद लेने के लिए पहले से परिनियोजन करें। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों आदि पर दवाईयों का पर्याप्त भण्डारण रखें। पीएचई पेयजल स्त्रोतो के शुद्धीकरण, गुणवत्ता परीक्षण, भण्डार में आवश्यक कैमिकल्स की उपलब्धता तथा शुद्ध पानी हेतु क्लोरिन की गोलिया के वितरण एवं उपयोग हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था करें, विभागीय कंट्रोल रूम भी बनाए, जनजागरूकता हेतु बाढ़ संभावित क्षेत्रो में कार्यक्रम भी आयोजित करें। परिवहन विभाग बाढ़ के दौरान आबादी के निष्क्रमण हेतु चार पहिया वाहनों का चिन्हांकन तथा किराया दर निर्धारण कर सूची आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को दें। ऊर्जा विभाग बाढ़ के दौरान करंट न फैले इसके लिए पावर कट के लिए पहले से प्लानिंग रखे। महत्वपूर्ण दूरभाष एवं मोबाईल नम्बरों को प्रचारित करें। राहत स्थल मेडिकल कैम्प, आपातकालीन संचालन केन्द्रो में वैकल्पिक व्यवस्था रखें। पशुपालन विभाग बाढ़ संभावित क्षेत्रो में पशुओ की संख्या की पूर्ण जानकारी रखें। पशुओं में भूजन्य रोगों के प्रतिरोधात्मक टीके लगाने की व्यवस्था करें, चिकित्सा दलों का गठन, दवाईयों आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करें। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग सस्ते मूल्य की दुकानो पर पर्याप्त अनाज एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों का भण्डारण करें। दुरस्थ क्षेत्रो में भी खाद्यान्न का पर्याप्त भण्डारण रखें। नगरीय प्रशासन विभाग वर्षा ऋतु के पूर्व नालो एवं नालियो की सफाई एवं उसका मलबा निकालने की व्यवस्था करें। बाढ़ नियंत्रण समिति का गठन कर सूचना दें, राहत स्थलों की पहचान एवं व्यवस्था हेतु कार्य योजना तैयार करें। इस दौरान एडीएम बीएस सोलंकी, जिला पंचायत सीईओ संतोष टैगोर, एसडीएम सुश्री मनीषा वास्कले, डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलदर, होमगार्ड कमाण्डेन्ट विक्रम मालवीय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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