कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना के नेतृत्व में ‘ई-ऑफिस’ एक सशक्त कदम
शाजापुर में 'ई-ऑफिस' क्रांति: अब कागज़ नहीं, बस क्लिक!

शाजापुर, आदित्य शर्मा। शाजापुर कलेक्टोरेट सहित सभी विभागों में फाइलों का लेन-देन अब पूरी तरह से ‘ई-ऑफिस’ प्रणाली पर आधारित हो गया है, जिससे कागजी फाइलों का बोझ खत्म हो गया है और हर काम अब एक क्लिक पर हो रहा है।

यह सब कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना के गतिशील नेतृत्व में जिले में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक क्रांति के रूप में “”माईन स्टोन” का सूत्रपात हुआ है। जिले में ई-ऑफिस प्रणाली पर काम मार्च 2025 से शुरू हुआ है और अब तक ई-ऑफिस के माध्यम से 6238 फाइलें प्रस्तुत हुई हैं, जिनका त्वरित निराकरण हुआ है।

कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना की दूरदृष्टि और अथक प्रयासों का परिणाम है कि शाजापुर अब पूरी तरह से पेपरलेस कार्यालय की ओर अग्रसर है। कलेक्टोरेट में अब कोई भी फाइल भौतिक रूप से स्वीकार नहीं की जाती है। सारी फाइलें ई-ऑफिस के माध्यम से ही प्रस्तुत और संसाधित की जा रही हैं।

इतना ही नहीं, डाक सेवाओं को भी अब पूरी तरह से डिजिटल कर दिया गया है। पहले जो डाक भौतिक रूप से विभागों में वितरित की जाती थी, वह भी अब ई-ऑफिस के माध्यम से ही भेजी और प्राप्त की जाती है।

अब किसी भी प्रकार की भौतिक डाक कलेक्टोरेट के भीतर सर्कुलेट नहीं की जाती है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत हो रही है।

कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने बताया कि इस पहल से प्रशासनिक दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। फाइलों की ट्रैकिंग आसान हो गई है, पारदर्शिता बढ़ी है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी तेजी आई है। यह कदम न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि आधुनिक और स्मार्ट प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है। शाजापुर का यह ‘ई-ऑफिस’ मॉडल डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।



