गंजबासौदा : चोरी गया मासूम सकुशल मिला, पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी

गंजबासौदा : बीते सोमवार को शहर में उस समय दिल दहलाने वाला माहौल बन गया, जब चार साल का एक मासूम अचानक लापता हो गया। मासूम की मां की रोती-बिलखती आवाजें सुनकर हर किसी का दिल कांप उठा। परिजन बदहवासी में इधर-उधर दौड़ते रहे और पूरे शहर में बेचैनी का माहौल बन गया। लेकिन श्हार पुलिस के दो जावांज पुलिसकर्मी की सतर्कता ने एक बार फिर उम्मीद को जीत दिलाई। करीब तीन घंटे की भागदौड़ और अथक प्रयासों के बाद मासूम को सकुशल बरामद कर लिया गया।
पूरा घटनाक्रम…
दरअसल, घटना गंजबासौदा बस स्टैंड क्षेत्र की है, जहां से एक अज्ञात युवक बच्चे को बहला-फुसलाकर ले गया था। जैसे ही सूचना पुलिस तक पहुंची, तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान बस स्टैंड के पास किराना दुकान चलाने वाले बसंत मालवीय ने आरोपी को पहचान लिया और बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।
हरकत में आए सिपाही
सूचना मिलते ही मौके पर तैनात सिपाही भूपेंद्र चौबे और राकेश रावत हरकत में आ गए। बिना एक पल गंवाए, दोनों ने अपने अनुभव और साहस का परिचय देते हुए आरोपी को धर दबोचा और मासूम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही बच्चे को उसके परिजनों के हाथों में सौंपा गया, वहां मौजूद हर आंख नम हो गई। परिजनों ने अपने बच्चे को कसकर गले लगाया और फूट-फूटकर रोने लगे। उस पल की भावनाएं शब्दों में बयां कर पाना मुश्किल है।
शहर की शान दोनों सिपाही
इस पूरे घटनाक्रम में सिपाही भूपेंद्र चौबे और राकेश रावत की भूमिका को लेकर पूरे गंजबासौदा में उनकी जमकर सराहना हो रही है। शहरवासियों का कहना है कि ये दोनों पुलिसकर्मी बासौदा की शान हैं, जो हर समय चौकस और जिम्मेदार रहते हैं। उनकी सतर्कता और बहादुरी ने न सिर्फ एक मासूम की जान बचाई, बल्कि एक परिवार की दुनिया उजड़ने से बचा ली।
दोनों सिपाहियों के लिए उठी मांग
अब शहर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा मांग उठाई जा रही है कि आगामी 15 अगस्त को इन दोनों पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाए। ऐसी सतर्कता और संवेदनशीलता आज की पुलिस की सच्ची पहचान है। यह घटना इस बात का प्रतीक है कि जब पुलिस और जनता मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी संकट छोटा बन जाता है। यह सिर्फ एक बच्चा नहीं, पूरे शहर की उम्मीद और विश्वास था, जो आज सुरक्षित लौट आया।



