गंजबासौदा जनपद में फर्जी पत्रकारों का आतंक, सरपंच-सचिवों से वसूली का खेल जोरों पर

गंजबासौदा : गंजबासौदा जनपद पंचायत इन दिनों फर्जी पत्रकारों की अड़ीबाजी से परेशान है। खासकर सरपंच और पंचायत सचिवों के लिए पंचायत कार्यालय पहुंचना एक सिरदर्द बन गया है। जनपद परिसर में घूम रहे कथित यूट्यूब पत्रकार आए दिन सरपंचों और सचिवों से पैसों, शराब या अन्य सुविधाओं की मांग करते हैं, और मांग पूरी नहीं होने पर खबर चलाने की धमकी देते हैं।
शहर में सैकड़ों फर्जी पत्रकार सक्रिय
सूत्रों के मुताबिक, शहर में 200 से अधिक ऐसे झोलाछाप पत्रकार सक्रिय हैं जो न किसी अधिकृत मीडिया संस्थान से जुड़े हैं, न ही उनके पास वैध प्रेस आईडी है। यह लोग मोबाइल फोन और माइक लेकर यूट्यूब चैनल के नाम पर खुद को पत्रकार बताते हैं और सीधे जनपद पंचायत या ग्राम पंचायतों में जाकर अड़ीबाजी शुरू कर देते हैं।
शराब और पेट्रोल की मांग
एक सरपंच ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “कुछ कथित पत्रकार पैसे नहीं देने पर शराब और पेट्रोल की मांग करते हैं। कई बार तो पंचायत में चल रहे सामान्य कार्यों को भी तोड़मरोड़ कर कैमरे में कैद करते हैं और बदनाम करने की धमकी देते हैं।” इसी तरह एक पंचायत सचिव का कहना है, “कई झोलाछाप पत्रकार 200 से 500 रुपये तक की खुली मांग करते हैं। इंकार करने पर कहते हैं कि ‘अब देखना यूट्यूब पर क्या चलता है।'”
फर्जी पत्रकारों से परेशान सरपंच-सचिव
जनपद पंचायत परिसर में आए दिन यह कथित पत्रकार घूमते देखे जाते हैं। जैसे ही कोई सरपंच या सचिव दिखाई देता है, ये लोग उनके पीछे पड़ जाते हैं और ‘खर्चा-पानी’ की मांग करने लगते हैं। हालत यह हो गई है कि कई पंचायत प्रतिनिधि जनपद कार्यालय जाना ही छोड़ चुके हैं, जिससे पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों में देरी हो रही है।
प्रशासन ले संज्ञान
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग है कि प्रशासन इस पर जल्द संज्ञान ले और फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। पत्रकारिता जैसे गरिमामयी पेशे की आड़ में चल रही इस वसूली गैंग को यदि समय रहते नहीं रोका गया, तो यह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। आपको बता दें कि देशभर में यूट्यूब चैनलों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन इनमें से कई बिना किसी पंजीकरण और पत्रकारिता प्रशिक्षण के चलते हैं, जो पत्रकारिता की साख पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं।
पत्रकार की हो चुकी पिटाई!
गंजबासौदा में फर्जी पत्रकारों की बढ़ती दबंगई के बीच बीते महीने एक कथित पत्रकार की ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी। बताया गया कि वह सरपंच को कलेक्टर तक पहुंच की धमकी देकर पैसों की मांग कर रहा था। जबरदस्ती और धमकी से नाराज़ ग्रामीणों ने उसकी धुनाई कर दी। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे फर्जी पत्रकारिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह अकेला मामला नहीं है, क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।



