कुरवाई स्वास्थ्य केंद्र बीएमओ पर गंभीर आरोप, हटाए जाने की मांग हुई तेज

कुरवाई : कुरवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टरों ने बीएमओ डॉ. आज़ाद सिंह ठाकुर की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। इस संबंध में डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से अनुविभागीय अधिकारी कुरवाई को शिकायत पत्र सौंपा है।
महिला चिकित्सक से अभद्रता का मामला
डॉक्टरों ने आरोप लगाया कि 31 जुलाई को महिला अधिकारी के साथ बीएमओ के समाज के नरेन्द्र सिंह दांगी द्वारा छेड़छाड़ की गई। इसके बावजूद बीएमओ ने न तो कोई ठोस कार्रवाई की और न ही सख्ती दिखाई। इसके बाद महिला उत्पीड़न निराकरण समिति का गठन भी देरी से किया गया, जिससे मामले को गंभीरता से न लेने का संकेत मिलता है।
अस्पताल में अव्यवस्था और शराब सेवन
शिकायत में कहा गया है कि अस्पताल परिसर में वार्ड बॉय और कुछ अन्य कर्मचारी खुलेआम शराब का सेवन करते हैं। जब इस पर आपत्ति जताई गई तो बीएमओ का कहना था कि अस्पताल सार्वजनिक जगह है, हम किसी को रोक नहीं सकते। इस रवैये से डॉक्टरों ने खुद को असुरक्षित बताया। इसके अलावा डॉ. आज़ाद सिंह ठाकुर पर यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों को आउटसोर्स के माध्यम से अस्पताल में नियुक्त कराया है। इनमें डाटा एंट्री ऑपरेटर और अन्य पदों पर उनके परिजन कार्यरत बताए गए हैं।
लगे ये भी आरोप
बीएमओ अधिकतर समय अस्पताल में अनुपस्थित रहते हैं और कई दिनों के के हस्ताक्षर एक साथ करते हैं। ओपीडी में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था नहीं है, जिससे मरीजों द्वारा कई बार नशे की हालत में अभद्र व्यवहार किया जाता है। अस्पताल से एक्स-रे सेटअप और कम्प्यूटर सिस्टम गायब हैं। कोल्डचेन रूम में अपने लोगों के साथ बैठकर शराब सेवन किया जाता है। शासन से मिलने वाले फंड का गबन किया जा रहा है, वहीं हाईरिस्क क्लीनिक के लिए आने वाली राशि भी मरीजों तक नहीं पहुंचाई गई। झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए मांगी गई तो जानकारी समय पर न देने का बहाना बनाकर कार्रवाई में विलंब कराया।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि बीएमओ की कार्यप्रणाली से जनप्रतिनिधि भी नाराज़ हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की लगातार अवहेलना की जा रही है। डॉक्टरों ने एसडीओ को दिए प्रतिवेदन में मांग की है कि बीएमओ को तत्काल कुरवाई स्वास्थ्य केंद्र से हटाया जाए, ताकि अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था और अनियमितताओं पर रोक लग सके। वही अनुविभागीय अधिकारी द्वारा उक्त मामले की जानकारी जिला चिकित्सा अधिकारी को भी भेजी गई, लेकिन बीएमओ डॉ. आज़ाद सिंह ठाकुर पर अबतक कोई एक्शन नहीं लिया गया, जो अधिकारियों की लापरवाही के तौर पर देखा जा रहा है।



