मध्य प्रदेश

Kurwai : डॉ. दीवान के आते ही चमक उठा कुरवाई का सरकारी अस्पताल, मिल रही अच्छी सुविधाएं

कुरवाई: जिले के कुरवाई का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जो बीते सालों से अपनी बदहाली के लिए आंसू बहाता आया, लेकिन अब अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रमोद दीवान के पदभार संभालते ही अस्ताल की तस्वीर ही बदल गई। पहले की तरह लाचार व्यवस्थाएं, चारो ओर गंदगी से परे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब चमक उठा है। जो किसी प्राईवेट अस्पातल से कम नहीं दिखाई देता।

कुरवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पहले जर्जर इमारत, दवाइयों की कमी और स्टाफ की उदासीनता से मरीजों को वो स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलती थी, जिनका सरकार दावा करती है, लेकिन अब अस्पताल के कायाकल्प होने के बाद से क्षेत्र के मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी मूलभूत सुविधाएं मिलने लगी है।

डॉ. दीवान के नेतृत्व में अस्पताल में न केवल साफ-सफाई का स्तर उठा, बल्कि डिजिटल रिकॉर्ड सिस्टम, 24×7 एम्बुलेंस सेवा और विशेषज्ञ सलाह की व्यवस्था भी शुरू हो चुकी है। बीते कई सालों बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में हुए चमत्कार की अब क्षेत्र में सराहना होने लगी है। डॉ. प्रमोद दीवान ने अस्पताल को एक मॉडल स्वास्थ्य केंद्र के रूप में बदल दिया है। इससे पहले बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते मरीजों को भोपाल या विदिशा के बड़े अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब, ओपीडी में दैनिक 500 से अधिक मरीजों का इलाज हो रहा है। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में आधुनिक वेंटिलेटर और आईसीयू बेड की व्यवस्था कर दी गई है। डॉ दीवान पहले विदिशा जिले के कई सरकारी अस्पतालों में पदस्थ्य रह चुके है।

अस्पातल में हुए ये बदलाव

इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पुरानी इमारत का रंग-रोगन कराया गया और लीकेज ठीक किया गया। पूरे अस्पताल परिसर का लाइटिंग सिस्टम बदला गया। पार्किंग, वेटिंग एरिया बनाया गया।

दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता: जेनेरिक दवाओं का स्टॉक बढ़ाया गया, जिससे मरीजों को मुफ्त में 90% दवाएं मिल रही हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन और ईसीजी उपकरण नई खरीदे गए।

स्टाफ ट्रेनिंग और मॉनिटरिंग: डॉ. दीवान ने नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए साप्ताहिक ट्रेनिंग सेशन शुरू किए। अब मरीजों की शिकायतों का समाधान 24 घंटे के अंदर होता है।

जागरूकता अभियान: टीबी, डायबिटीज और मातृ स्वास्थ्य पर गांव-गांव जाकर कैंप लगाए जा रहे हैं, जिससे प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा मिला है।

क्या कहते है ​स्थानीय निवासी?

स्थानीय निवासी रमेश शर्मा कहते है कि पहले अस्पताल आना मतलब घंटों इंतजार और बिना इलाज लौटना। लेकिन डॉ. दीवान साहब के आने के बाद सब कुछ व्यवस्थित हो गया। मेरी पत्नी का डिलीवरी केस यहीं हो गया, बिना किसी परेशानी के। इसी तरह, ग्रामिणा जैन का कहना है कि अस्पताल की ‘तस्वीर’ बदल गई है, अब यह सफेद बिल्डिंग नहीं, बल्कि उम्मीद की किरण लगती है।

क्या कहते है डॉ दीवान?

कुरवाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ प्रमोद का कहना है कि मेरा मकसद सिर्फ सेवा है। चुनौतियां तो आती रहेंगी, लेकिन मरीजों की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है।

डॉ. दीवान की चहु ओर सराहना

जिला स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा है कि डॉ. दीवान की पहल को राज्य स्तर पर सराहा जा रहा है, और जल्द ही कुरवाई अस्पताल को ‘आदर्श स्वास्थ्य केंद्र’ का दर्जा दिया जा सकता है। यह बदलाव न केवल कुरवाई बल्कि आसपास के गांवों के लिए वरदान साबित हो रहा है। उम्मीद है कि डॉ. दीवान जैसी पहलें अन्य जिलों में भी फैलेंगी, ताकि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा मजबूत हो सके।

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