MP New: MP पशुपालन एवं डेयरी विभाग, 57 दिन बाद भी इंसाफ नहीं?
MP New: पशुपालन एवं डेयरी विभाग में तबादलों के आदेशों को 57 दिन बीत चुके हैं, लेकिन प्रभावित कर्मचारी आज भी समाधान के लिए मंत्रालय के चक्कर काट रहे हैं। आरोप है कि तबादला नीति के पालन से लेकर पोस्टिंग की प्रक्रिया तक कई सवाल हैं। संचनालय में भी 40 से अधिक वेटरनरी डॉक्टर अटैच है जो बाबूगिरी कर रहे हैं
और एक और गंभीर सवाल…
जिन अधिकारियों-कर्मचारियों का तबादला किया गया, उन्हें कई मामलों में रिलीव किए बिना ही उनके पद का प्रभार दूसरे अधिकारी या कर्मचारी को दे दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी शिकायत लेकर कभी मंत्रालय पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक समाधान नहीं मिला है। कर्मचारियों का आरोप है कि स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किया गया। सार्थक एप के आधार पर किए गए तबादलों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि अगर तबादला आदेशों को लेकर शिकायतें सामने आई हैं, तो शासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
अब सवाल यही है कि अगर शिकायतें गंभीर थीं, तो 57 दिन बाद भी मामले में स्थिति साफ क्यों नहीं हुई? अगर कर्मचारी को रिलीव नहीं किया गया था, तो पद का प्रभार दूसरे को किस आधार पर दिया गया? क्या इसके लिए कोई अलग प्रशासनिक आदेश जारी हुआ? और अगर हुआ, तो उसकी प्रक्रिया क्या थी? अब इनतबादलों पर फैसला कब होगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।



