मध्य प्रदेश

Rewa Mohanlal Diwedi : 50 सालों से नही सोया ये इंसान, नहीं होता चोट का असर

Rewa Mohanlal Diwedi : मध्यप्रदेश के रीवा जिले से सामने आया एक अनोखा मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। शहर की चाणक्यपुरी कॉलोनी में रहने वाले 75 वर्षीय मोहनलाल द्विवेदी का दावा है कि वे पिछले करीब 50 वर्षों से सोए ही नहीं हैं। हैरानी की बात यह है कि इतनी लंबी अवधि तक नींद न लेने के बावजूद उनकी सेहत सामान्य है और वे आज भी एक सक्रिय जीवन जी रहे हैं।

रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहनलाल द्विवेदी बताते हैं कि वर्ष 1973 में जब उनकी लेक्चरर के पद पर नियुक्ति हुई, उसके कुछ ही समय बाद उनकी नींद अचानक गायब हो गई। जुलाई 1973 से लेकर आज तक वे एक पल के लिए भी सो नहीं पाए। इसके बावजूद उन्होंने 1974 में एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर नायब तहसीलदार के रूप में प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की और वर्ष 2001 में ज्वाइंट कलेक्टर पद से सेवानिवृत्त हुए।

मोहनलाल का कहना है कि नींद न आने के कारण उन्हें कभी शारीरिक कमजोरी, मानसिक तनाव या चिड़चिड़ापन महसूस नहीं हुआ। उनका दावा है कि उन्हें चोट लगने पर भी दर्द का एहसास नहीं होता। कई बार शरीर में चोट आई, लेकिन पीड़ा नहीं हुई। इसी कारण वे अपने शरीर को पत्थर जैसा मजबूत बताते हैं।

शुरुआती दिनों में उन्होंने अपनी इस समस्या को किसी से साझा नहीं किया। पूरी रात जागने के बावजूद उनकी आंखों में न तो जलन होती थी और न ही थकान महसूस होती थी। जब यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो परिजनों ने पहले झाड़-फूंक का सहारा लिया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद उन्हें रीवा, जबलपुर, दिल्ली और मुंबई के बड़े अस्पतालों में दिखाया गया। कई तरह की चिकित्सकीय जांचें हुईं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर भी उनकी इस स्थिति का कोई स्पष्ट कारण नहीं खोज सके।

मेडिकल साइंस के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 6 से 8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है। ऐसे में 50 वर्षों तक बिना नींद के जीवित रहना विज्ञान के लिए एक बड़ी चुनौती है। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि मोहनलाल की पत्नी भी दिन में केवल 3 से 4 घंटे ही सोती हैं।

वर्तमान में मोहनलाल अपना अधिकतर समय किताबें पढ़ने, अध्ययन करने और रात में छत पर टहलने में बिताते हैं। उनकी दिनचर्या पूरी तरह सामान्य है। उनका यह दावा न केवल लोगों के लिए कौतूहल का विषय है, बल्कि चिकित्सा जगत के लिए भी शोध का एक रहस्यमय मामला बन गया है।

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