रीडिंग कैंपेन, मेरी किताब, मेरी कहानी का शुभारंभ, कलेक्टर बाफना की पहल

शाजापुर, आदित्य शर्मा। जिले में बच्चों में पठन क्षमता और पढ़ने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) मिशन अंकुर और रूम-टू-रीड इंडिया ट्रस्ट के सहयोग से “रीडिंग कैंपेन – मेरी किताब, मेरी कहानी 2025” की शुरुआत की गई। इसके तहत जिले में रीडिंग वैन की पहल शुरू हुई।

कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने रिबन काटकर व हरी झंडी दिखाकर रीडिंग वैन को रवाना किया। उन्होंने कहा कि, “जब बच्चे विविध और आयु-उपयुक्त पठन सामग्री से जुड़ते हैं तो उनमें पठन कौशल के साथ-साथ जीवनभर पढ़ने की आदत भी विकसित होती है।”
रीडिंग वैन एक चलित पुस्तकालय के रूप में कार्य करेगी और जिले के प्रत्येक विकासखंड में जाकर दो शालाओं तक पहुँचेगी। इसमें बच्चों के लिए रोचक एवं प्रेरणादायक साहित्य उपलब्ध रहेगा। रीडिंग वैन का उद्देश्य बच्चों और समुदाय में पठन संस्कृति को बढ़ावा देना है, ताकि हर बच्चा किताबों में अपनी कहानी खोज सके और गर्व से कह सके – “मेरी किताब, मेरी कहानी।”कलेक्टर ने शिक्षकों, जनशिक्षकों, अभिभावकों, समुदाय व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से इस अभियान में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।

कलेक्टर ने बच्चों को सुनाई कहानी
कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने शासकीय प्राथमिक विद्यालय महुपुरा का भ्रमण कर बच्चों को बिग बुक की “धानी के तीन दोस्त” नामक कहानी सुनाई। कहानी की शुरुआत में उन्होंने बच्चों के साथ चित्रों पर चर्चा की और बीच-बीच में प्रश्न पूछकर बच्चों की जिज्ञासा बढ़ाई। कहानी समाप्त होने के बाद बच्चों से सारांश पूछकर उनकी समझ का आकलन भी किया गया। बच्चों ने बड़े उत्साह से कहानी सुनी और चर्चा में भाग लिया।

कलेक्टर सुश्री बाफना ने बच्चों को प्रतिदिन कहानी पढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा उचित गति, हावभाव और समझ के साथ पढ़ने की आदत विकसित करने पर बल दिया। रीडिंग वेन के माध्यम से बच्चों ने पुस्तकें लेकर पढ़ी और कहानियों से प्रेरित होकर चित्र भी बनाए।



