मध्य प्रदेश

विकास की नई पटकथा, GYANII मॉडल से सशक्त होता मध्यप्रदेश : CA सुरभी अग्रवाल

भोपाल। मध्य प्रदेश ने वर्ष 2026-27 के बजट के माध्यम से विकास की एक सकारात्मक और दूरदर्शी शुरुआत की है। लगभग ₹4.38 लाख करोड़ के आकार वाला यह बजट केवल सरकारी व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक दिशा और सामाजिक प्रतिबद्धता का संकेत है। सरकार ने इसे “GYANII मॉडल” पर आधारित समावेशी विकास का खाका बताया है, जिसमें गरीब, युवा, किसान, नारी, अधोसंरचना और उद्योग को समान प्राथमिकता दी गई है।

GYANII मॉडल: छह स्तंभों पर टिका विकास

G – Garib (गरीब) स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा
Y – Yuva (युवा) शिक्षा, कौशल, रोजगार
A – Annadata (किसान) कृषि, सिंचाई, ऊर्जा
N – Nari (नारी) महिला सशक्तिकरण
I – Infrastructure सड़क, मेट्रो, आवास
I – Industry निवेश, MSME, रोजगार

नारी शक्ति: आर्थिक सशक्तिकरण का केंद्र

लाड़ली बहना योजना के लिए ₹23,883 करोड़ का प्रावधान इस बजट की प्रमुख विशेषता है। 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जाएगी। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मांग और क्रय शक्ति बढ़ेगी, जिससे स्थानीय बाजारों को गति मिलेगी।

कृषि: अन्नदाता को ऊर्जा और आधा

सोलर पंप योजना, सिंचाई विस्तार और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया है। विश्लेषण के अनुसार, यदि कृषि क्षेत्र में पूंजीगत निवेश बढ़ता है तो यह राज्य की विकास दर को दीर्घकाल में मजबूत आधार प्रदान करेगा।

युवा और मानव पूंजी

15,000 शिक्षकों की भर्ती और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार योग्य बनाने की दिशा में पहल की गई है। मानव पूंजी में निवेश को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण तत्व माना जा रहा है।

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा

स्वास्थ्य क्षेत्र में ₹23,747 करोड़ का प्रावधान किया गया है। नए मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के उन्नयन से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मत है कि स्वास्थ्य निवेश सामाजिक विकास का आधार है, परंतु इसके साथ वित्तीय संतुलन भी आवश्यक है।

अधोसंरचना और उद्योग: विकास की रीढ़

₹21,562 करोड़ शहरी विकास और ₹5,957 करोड़ उद्योग एवं MSME क्षेत्र के लिए निर्धारित किए गए हैं। यदि पूंजीगत व्यय 20–25% के स्तर पर बना रहता है, तो यह प्रदेश की आर्थिक गति को दीर्घकालिक रूप से सुदृढ़ कर सकता है।

कर प्रावधान और वित्तीय अनुशासन

बजट में कर दरों में बड़े बदलाव नहीं किए गए हैं। GST, वैट, आबकारी और स्टांप शुल्क के माध्यम से राजस्व वृद्धि की रणनीति अपनाई गई है। विश्लेषकों के अनुसार, कर दरें बढ़ाने के बजाय कर आधार (Tax Base) विस्तार और अनुपालन सुधार पर जोर संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

राज्य की स्वयं की कर आय में वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है, जबकि राजकोषीय घाटा निर्धारित सीमा (FRBM मानक) के भीतर रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है। पूंजीगत व्यय बढ़ाने के साथ ऋण प्रबंधन पर संतुलन बनाना सरकार के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

तथ्य पत्र (Fact Sheet)

1) कुल बजट: ₹4.38 लाख करोड़
2) महिला सशक्तिकरण: ₹23,883 करोड़
3) स्वास्थ्य: ₹23,747 करोड़
4) शहरी विकास: ₹21,562 करोड़
5) उद्योग/एमएसएमई: ₹5,957 करोड़
6) 10 लाख आवास (5 वर्ष लक्ष्य)
7) 15,000 शिक्षक भर्ती
8) 10 लाख आवास लक्ष्य
9)कर दर स्थिर, कर आधार विस्तार पर जोर

कुल मिलाकर मध्य प्रदेश का 2026-27 का बजट सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक निवेश के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करता है। “GYANII मॉडल” के माध्यम से सरकार ने समावेशी विकास की स्पष्ट दिशा तय की है।

अब असली परीक्षा प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन की होगी। यदि योजनाएँ जमीनी स्तर तक सही ढंग से पहुँचती हैं और पूंजीगत निवेश से उत्पादक परिसंपत्तियाँ निर्मित होती हैं, तो यह बजट प्रदेश को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की ओर अग्रसर कर सकता है।

लेखिका – CA Surbhi Agrawal(चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं कर सलाहकार)

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