गंजबासौदा पंच कल्याणक महोत्सव: 184 जिन प्रतिमाओं की होगी प्रतिष्ठा, आज निकलेगी घटयात्रा

Ganjbasoda Panch Kalyanak Mahotsav: विदिशा जिले के गंजबासौदा नगर में पहली बार भव्य पंच कल्याणक महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। 24 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक चलने वाले इस महा महोत्सव में कुल 184 जिन प्रतिमाएं एक साथ प्रतिष्ठित की जाएंगी, जो नगर के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण होगा।
मंदिर में चौबीसी का निर्माण
मंगलवार से प्रारंभ हो रहे इस आयोजन को लेकर आयोजन समिति द्वारा पत्रकार वार्ता आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की गई। बताया गया कि वर्ष 2008 में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के सानिध्य में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पंच कल्याणक आयोजित हुए थे। अब 18 वर्ष बाद पुनः मंदिर में नव निर्मित द्वितीय वेदी पर चौबीसी का निर्माण किया गया है।
विराजमान होंगी 72 प्रतिमाएं
महोत्सव के अंतर्गत अष्टधातु की 72 जिन प्रतिमाएं विराजमान की जाएंगी, मंदिर प्रांगण में निर्मित मान स्तंभ पर 108 रत्नमयी प्रतिमाएं स्थापित होंगी तथा विधिनायक सहित अन्य 3 पाषाण प्रतिमाओं की भी प्रतिष्ठा की जाएगी।
आत्मा से परमात्मा बनने का प्रकल्प
पत्रकार वार्ता के दौरान श्रद्धालुओं को मुनि श्री विमल सागर जी महाराज के आशीर्वचन सुनने का अवसर मिला। मुनि श्री ने कर्म सिद्धांत पर प्रवचन देते हुए कहा कि आत्मा से परमात्मा बनने का प्रकल्प ही पंच कल्याणक महोत्सव का मूल उद्देश्य है। उन्होंने मन पर नियंत्रण रखने की सीख देते हुए कहा कि हर अच्छा और बुरा कार्य मन से ही प्रारंभ होता है।
आज निकलेगी भव्य घटयात्रा
24 फरवरी को दोपहर 12 बजे से घटयात्रा शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (त्योंदा रोड) से प्रारंभ होगी। यात्रा त्योंदा रोड, जय स्तंभ चौक, नेहरू चौक, सुभाष चौक से होते हुए महावीर मार्ग के रास्ते आयोजन स्थल अयोध्या नगरी (पुरानी गल्ला मंडी) पहुंचेगी। घटयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण कर सिर पर कलश लेकर शामिल होंगी, जिससे पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर होगा।
सुरक्षा को लेकर चिंता
24 फरवरी से नगर में इतने बड़े धार्मिक आयोजन की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन आयोजन स्थल के आसपास असामाजिक तत्वों के जमावड़े को लेकर चिंता भी जताई गई है। आयोजन समिति ने पूर्व में ही पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दे दी है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।



