मध्य प्रदेश

प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 28 अफसर यू.के.में ट्रेनिंग से लौटे 

भोपाल। आदित्य शर्मा। मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के 28 अफसर “मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम”के तहत 10 दिवसीय यू.के.में प्रशिक्षण भ्रमण कर लौटे है। प्रशिक्षण से उनकी दक्षता बढ़ी है वहीं व्‍यक्तित्‍व में सकारात्‍मक निखार भी आयेगा । अधिकारियों ने आधुनिक पुलिसिंग की बारीकियों को सीखा है जिनका उपयोग कर बेहतर ढंग से अपने काम को अंजाम देंगे।

एएसपी टी.एस.बघेल ने बताया कि कर्तव्यों को उन लोगों द्वारा किया जाता है जो एक पुलिस कांस्टेबल का पद रखते हैं। पुलिस कांस्टेबलों को अपने कर्तव्यों का पालन करने में सक्षम बनाने के लिए कुछ शक्तियां दी जाती हैं। उन्हे अपनें प्राथमिक कर्तव्य जीवन और संपत्ति की सुरक्षा का बौद्ध कराया जाता है। वहॉ पर पुलिस बल कर्मचारियों को नियुक्त करते हैं जो अधिकारियों की सहायता करने और पुलिस के सुचारू संचालन में सहायता करने के लिए कई कार्य करते हैं। कांस्टेबल के रूप में कार्य करते समय शक्तियां, अधिकार, संरक्षण और विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं।

उन्हाैने बताया कि वहाँ पर यातायात प्रवाह बनाए रखने के लिए यातायात अधिकारियों को नियुक्त किया जाता है । उनके पास यातायात को निर्देशित करने और सड़क पर संकेत लगाने, सक्रिय मोटरवे की लेन बंद करने और वाहनों को रोकने की शक्तियाँ होती हैं यदि उन्हें लगता है कि वे जिस सड़क और स्थिति में गाड़ी चला रहे हैं, उसके लिए वे सड़क पर चलने लायक नहीं हैं तो वह संकेत करते है जिसका पालन वहॉ के लोग करते है।

एएसपी टी.एस.बघेल ने बताया कि वहॉ सभी पदों पर भर्तियां कॉन्स्टेबल से होती है वहाँ कॉन्स्टेबल का अर्थ सभी पुलिस अधिकारियों से है, चाहे उनकी रैंक कुछ भी हो। हालांकि पुलिस अधिकारियों के पास व्यापक शक्तियां होती हैं, फिर भी वे जनता के सदस्यों के समान कानूनों के अधीन होते हैं। प्रशिक्षण के दौरान सामुदायिक पुलिसिंग, डिजिटल युग में अपराध नियंत्रण, एविडेंस बेस्‍ड पुलिस कार्यप्रणाली और आपराधिक न्याय प्रणाली को सशक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण में कानून प्रवर्तन की वैश्विक चुनौतियों, तकनीकी नवाचार, अपराध जांच के उन्नत तरीकों और पुलिस प्रबंधन की नवीनतम रणनीतियाँ तथा पुलिस की समग्र कार्यक्षमता के उन्‍नयन हेतु निर्मित किया गया था।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली के सेंटर फॉर क्रिमिनोलॉजी एंड विक्टिमोलॉजी:- प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय कार्यकारी विकास कार्यक्रम मिड-कैरियर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया था। तीन दिवसीय कार्यक्रम में नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन और पुलिस की उभरती भूमिका पर चर्चा करने के लिए विशेषज्ञ एकत्र हुए और आपराधिक न्याय को आगे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए वक्ताओं ने जवाबदेही, अधिकार क्षेत्र की स्पष्टता, सार्वजनिक विश्वास और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा पर जोर दिया।

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